साइटिका क्या है?

साइटिका कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक लक्षण है। हमारे शरीर की सबसे लंबी नस, जिसे साइटिक नस (Sciatic Nerve) कहा जाता है, पीठ के निचले हिस्से (lumbosacral spine) से शुरू होकर कूल्हों के रास्ते दोनों पैरों के पिछले हिस्से से होती हुई उंगलियों तक जाती है। जब इस नस के मूल (root) पर रीढ़ की हड्डी में किसी कारणवश दबाव पड़ता है, तो उस पूरे रास्ते में तेज दर्द महसूस होता है। इसे ही साइटिका का दर्द कहा जाता है।

ज्यादातर मामलों में रीढ़ की हड्डी की डिस्क का बाहर निकलना (स्लिप डिस्क) इसका मुख्य कारण होता है। sciatica ka dard ilaj करने के लिए फिजियोथेरेपी को सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका माना जाता है।

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सामान्य पीठ दर्द बनाम साइटिका के लक्षण

कई लोग पीठ के सामान्य दर्द को साइटिका समझ लेते हैं। इन दोनों में अंतर नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:

लक्षणसामान्य पीठ दर्द ([Back Pain](/conditions/back-pain))साइटिका का दर्द ([Sciatica](/conditions/sciatica))
**दर्द का स्थान**केवल पीठ के निचले हिस्से या कूल्हे तक सीमित रहता है।पीठ से शुरू होकर कूल्हे, जांघ के पिछले हिस्से और पैर के नीचे तक जाता है।
**दर्द का प्रकार**मांसपेशियों में मीठा-मीठा दर्द या जकड़न महसूस होना।बिजली के झटके या करंट जैसा तेज, तीखा और जलन पैदा करने वाला दर्द।
**सुन्नपन या झुनझुनी**सामान्यतः नहीं होता।पैरों, पिंडलियों और तलवों में सुन्नपन, झुनझुनी या चींटियाँ चलना।
**पैर में कमजोरी**सामान्य रूप से पैर कमजोर महसूस नहीं होते।गंभीर मामलों में पैर उठाने (Foot Drop) या खड़े होने में पैर का कांपना।
**दर्द का बढ़ना**झुकने या भारी सामान उठाने पर बढ़ता है।लगातार बैठने, खांसने, छींकने या पैर को सीधा ऊपर उठाने पर बहुत तेज होता है।

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साइटिका के प्रमुख कारण

  • हर्नियेटेड या स्लिप डिस्क (Herniated Disc): रीढ़ की हड्डी की डिस्क का खिसक कर नस को दबाना। यह 90% साइटिका का कारण बनता है।
  • स्पाइनल स्टेनोसिस (Spinal Stenosis): रीढ़ की हड्डी की नली (spinal canal) का संकरा हो जाना, जिससे नसों पर दबाव पड़ता है। यह आमतौर पर बुजुर्गों में देखा जाता है।
  • पिरिफोर्मिस सिंड्रोम (Piriformis Syndrome): कूल्हे की पिरिफोर्मिस मांसपेशी का कड़ा होना, जिससे उसके नीचे से गुजरने वाली साइटिक नस दब जाती है।
  • स्पॉन्डिलाइलोlisthesis: एक वर्टिब्रा का दूसरे के ऊपर खिसक जाना।

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साइटिका से राहत के लिए फिजियोथेरेपी एक्सरसाइज

ये एक्सरसाइज साइटिक नस पर दबाव कम करने और दर्द को दूर करने में मदद करती हैं:

1. नर्व ग्लाइडिंग (Sciatic Nerve Gliding)

पीठ के बल लेट जाएं। प्रभावित पैर के घुटने को दोनों हाथों से पकड़कर छाती के पास लाएं (90 डिग्री पर)। अब धीरे-धीरे घुटने को सीधा करें जब तक कि पैर ऊपर की तरफ सीधा न हो जाए और पैर की उंगलियों को अपनी तरफ खींचें। फिर वापस सामान्य स्थिति में आएं। इसे 10 बार करें। यह नस के खिंचाव को कम करता है।

2. कोबरा स्ट्रेच (Cobra Stretch)

पेट के बल लेटकर हथेलियों को छाती के पास रखें और सिर व छाती को ऊपर की तरफ उठाएं। कमर को ढीला छोड़ें। 5 सेकंड रुकें। यह स्लिप डिस्क को अपनी जगह वापस जाने में मदद करता है, जिससे नस का दबाव कम होता है।

3. पिरिफोर्मिस स्ट्रेच (Piriformis Stretch)

पीठ के बल लेट जाएं। प्रभावित पैर के टखने को दूसरे पैर के घुटने के ऊपर रखें। अब बिना प्रभावित पैर वाले घुटने को पकड़े, दूसरे पैर की जांघ को पकड़कर अपनी छाती की तरफ खींचें। कूल्हे के पिछले हिस्से में खिंचाव महसूस होगा। 15 सेकंड रोकें। इसे 3 बार दोहराएं।